छत्तीसगढ़

चिखली रेत घाट पर अवैध रेत खनन जारी, लाखों रुपए राजस्व की चोरी

Shantanu Roy
27 Dec 2025 11:40 PM IST
चिखली रेत घाट पर अवैध रेत खनन जारी, लाखों रुपए राजस्व की चोरी
x
छग
Balodabazar. बलौदाबाजार। जिले के महानदी स्थित चिखली रेत घाट पर अवैध रेत खनन का कारोबार दिन-रात जारी है। नियमों की अनदेखी करते हुए रेत माफिया चेन माउंटेन मशीनों का उपयोग कर 10 फीट गहरे पानी से रेत निकाल रहे हैं, जिससे लाखों रुपए के राजस्व की चोरी हो रही है। नियमों के अनुसार रेत का उत्खनन केवल सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक मजदूरों द्वारा किया जाना चाहिए। लेकिन चिखली घाट पर रात के अंधेरे में भी मशीनों से रेत निकाली जा रही है। एक मशीन 10 फीट गहरे पानी से रेत निकालकर नदी में ही डंप कर रही है, जबकि दूसरी सीधे हाईवा में लोड कर रही है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, इस घाट से प्रतिदिन 300 से अधिक हाईवा रेत लोड कर आसपास के जिलों में भेजी जा रही है। इनमें से 50 गाड़ियों में रॉयल्टी पर्ची नहीं काटी जाती। एक हाईवा की रॉयल्टी 2,500 रुपये है, लेकिन माफिया गठजोड़ बिना पर्ची के मशीन लोडिंग के लिए 7,500 रुपये वसूल रहे हैं, जिससे प्रति ट्रिप लगभग 2,500 रुपये की सीधी राजस्व चोरी हो रही है। सैकड़ों ट्रैक्टर भी बिना पर्ची रेत का परिवहन कर रहे हैं। इस अवैध खनन से नदी का प्राकृतिक प्रवाह और धारा पथ बदल रहा है, जो पर्यावरण के लिए गंभीर संकट उत्पन्न कर सकता है। यह रेत बलौदाबाजार, महासमुंद, रायपुर, बेमेतरा, मुंगेली और बिलासपुर जिलों में भेजी जा रही है। नियम विरुद्ध नदी से सीधे निकाली गई गीली रेत हाईवा में लादी जा रही है। जिससे सड़कों पर पानी ही पानी बहता दिखाई दे रहा है।

इससे न केवल सड़कें खराब हो रही हैं, बल्कि दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। इस मामले में कसडोल विधायक संदीप साहू ने तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण लगातार शिकायत कर रहे हैं कि ओवरलोड रेत वाहनों ने गिधपुरी, पलारी, लवन, खरतोरा और कसडोल की सड़कों की हालत बदहाल कर दी है। विधायक साहू ने सुझाव दिया कि जुनवानी में स्थायी खनिज जांच चौकी स्थापित की जाए, प्रत्येक वाहन की रॉयल्टी पर्ची की जांच की जाए और घाट पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएँ। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे चक्काजाम करने को मजबूर होंगे। इस संबध में उपसंचालक खनिज राजेश मालवे ने कहा कि उन्हें इस प्रकार की शिकायतों की जानकारी नहीं है, लेकिन मामले की तफ्तीश की जाएगी। अवैध रेत खनन न केवल राजस्व हानि का कारण बन रहा है, बल्कि नदी और सड़क सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बन चुका है। प्रशासन और संबंधित विभागों से जल्द सख्त कदम उठाने की अपील की जा रही है, ताकि रेत माफिया पर अंकुश लगाया जा सके और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
Next Story